राइजिंग स्टार हिल ट्रेक
राइजिंग स्टार हिल ट्रेक (जिसे राइजिंग स्टार हिल टॉप या राइजिंग स्टार ट्रेक भी कहा जाता है) हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र में स्थित एक अपेक्षाकृत कम जाना-पहचाना लेकिन बेहद फायदेमंद ट्रेक है। यह धौलाधार रेंज के मनोरम नज़ारों, हरे-भरे जंगलों, घास के मैदानों और नीचे फैली कांगड़ा घाटी के शानदार दृश्य प्रदान करता है। यह पहाड़ी लगभग 2,800–2,900 मीटर (लगभग 9,100–9,500 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, जो योल कैंट क्षेत्र को देखते हुए एक प्रमुख स्थल है।
ट्रेक की मुख्य जानकारी
- दूरी: राउंड ट्रिप लगभग 10–12 किलोमीटर (आउट-एंड-बैक)। एक स्रोत के अनुसार ~11 किमी और 957 मीटर की ऊंचाई चढ़ाई। कुछ लोग “हाफ-वे” संस्करण करते हैं या पूरा ट्रेक पूरा करते हैं।
- ऊंचाई चढ़ाई: सटीक शुरुआती बिंदु के अनुसार लगभग 900–1,000+ मीटर।
- कठिनाई: मध्यम से कठिन। इसमें तेज चढ़ाई शामिल है, और पूरा रूट अच्छी फिटनेस, साहस और दृढ़ संकल्प की मांग करता है। ऊपरी हिस्सों में ट्रेल काफी थकाऊ लग सकती है, और बारिश या बर्फ से फिसलन हो सकती है। यह लोकप्रिय त्रियुंड ट्रेक से कम भीड़भाड़ वाला है, जिससे यह अधिक शांतिपूर्ण अनुभव देता है।
- समय: राउंड ट्रिप 4–8 घंटे (कुछ निचले बिंदुओं जैसे “जीरो पॉइंट कैंप लुंगटा” से एक तरफ 3 घंटे)। तेज चलने वाले या हाफ-वे करने वाले कम समय में पूरा कर सकते हैं; ब्रेक और फोटो के लिए अतिरिक्त समय रखें।
- ट्रेल की खासियतें:
- देवदार के जंगलों, घास के मैदानों और rugged इलाके से गुजरने वाला रास्ता।
- कई जगहों पर तीरों के साथ साफ ट्रेल मार्किंग।
- बर्फ से ढकी या धुंध भरी धौलाधार चोटियों के आश्चर्यजनक नज़ारे।
- सूर्योदय/सूर्यास्त या तारों भरी रातों का मौका (अनुभवी ट्रेकर्स के लिए कैंपिंग संभव)।
- भारतीय सेना से जुड़ी कुछ ऐतिहासिक या रेजिमेंटल महत्व (यह एक उल्लेखनीय पहाड़ी फीचर था जिसे “राइजिंग स्टार हिल” नाम दिया गया)।
शुरुआती बिंदु और रूट
सामान्य एक्सेस पॉइंट्स में दरी, चकबान धार, तांग, रक्कड़ हेलीपैड, या निचले कैंप जैसे “जीरो पॉइंट कैंप लुंगटा” या स्लेट गोदाम/चटकार क्षेत्र शामिल हैं। एक समीक्षा में जीरो पॉइंट कैंप लुंगटा से ~3 घंटे की चढ़ाई का जिक्र है। ट्रेल आमतौर पर तीरों से अच्छी तरह चिह्नित है, लेकिन तांग या आसपास के गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों से सटीक रास्ते के बारे में पूछना बेहतर है। यह जंगली इलाके से धीरे-धीरे शुरू होती है और बाद में तेज हो जाती है।
घूमने का सबसे अच्छा समय
- आदर्श: मार्च से जून (सुखद मौसम, साफ नज़ारे) या सितंबर–अक्टूबर (मानसून के बाद की स्पष्टता)।
- बचें: भारी मानसून (जुलाई–अगस्त) में फिसलन, बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण, हालांकि कुछ साहसी ट्रेकर्स तब भी जाते हैं।
- सर्दियों में ऊपरी हिस्सों में बर्फ पड़ सकती है, जो चुनौती और सुंदरता दोनों बढ़ाती है लेकिन उचित गियर की जरूरत पड़ती है।
धर्मशाला में गर्मियां हल्की और सर्दियां ठंडी होती हैं; ट्रेक के शिखर पर मौसम और भी ठंडा रहेगा।