बंद करे

स्थानीय

बाण गंगा घाट, कांगड़ा

पबलिश्ड ऑन: 18/12/2025

बान गंगा घाट, कांगड़ा बान गंगा घाट (जिसे बन गंगा घाट भी लिखा जाता है) कांगड़ा जिले के कांगड़ा शहर में बान गंगा नदी (बनेर खड्ड) के तट पर नव-विकसित एक पवित्र स्नान घाट है। यह भक्तों के लिए पवित्र स्नान करने, अनुष्ठान करने तथा हरिद्वार की गंगा आरती की तर्ज पर शाम की आरती […]

और

शिव मंदिर बैजनाथ

पबलिश्ड ऑन: 18/12/2025

बैजनाथ मंदिर (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) बैजनाथ मंदिर, जिसे बैजनाथ शिव मंदिर या वैद्यनाथ मंदिर भी कहा जाता है, भगवान शिव को वैद्यनाथ (“चिकित्सकों के स्वामी”) के रूप में समर्पित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ नामक छोटे शहर में स्थित है, जो धौलाधार पर्वत श्रृंखला की तलहटी में […]

और

छोटी कुश्ती पंजीकरण – धुम्मू शाह मेला दाड़ी – 2025

पबलिश्ड ऑन: 03/04/2025

20 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण: https://forms.gle/SsbFysvhD5YX9tJN8

और

पालमपुर के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा ग्राउंड में ईट-राइट मिलेट्स मेला 2024 का आयोजन

पबलिश्ड ऑन: 11/01/2024

पालमपुर के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा ग्राउंड में ईट-राइट मिलेट्स मेला 2024 का आयोजन

और

पोंग बांध पर्यटन के लिए एक लोगो और टैग लाइन डिजाइन प्रतियोगिता

पबलिश्ड ऑन: 12/12/2023

पोंग बांध पर्यटन के लिए एक लोगो और टैग लाइन डिजाइन प्रतियोगिता लोगो और टैग लाइनें हमारे आधिकारिक ईमेल आईडी: explorepongdam@gmail.com में साझा करें या हमें ट्वीट करें: @visitpongdam Instagram ID: – visitpongdam

और

जिला प्रशासन प्रस्तुत करता है – कांगड़ा घाटी कार्निवल-2023

पबलिश्ड ऑन: 14/06/2023

जिला प्रशासन प्रस्तुत करता है – कांगड़ा घाटी कार्निवल-2023 तिथि: 15-29 जून 2023 स्थान: पुलिस ग्राउंड धर्मशाला

और

धर्मशाला साहित्य महोत्सव।

पबलिश्ड ऑन: 03/04/2023

धर्मशाला साहित्य महोत्सव।

और

वर्ष 2021 में जिला स्तर पर उत्कृत युवा क्लबों  के लिए नकद पुरस्कार योजना के बारे सूचना 

पबलिश्ड ऑन: 16/08/2022

वर्ष 2021 में जिला स्तर पर उत्कृत युवा क्लबों  के लिए नकद पुरस्कार योजना के बारे सूचना

और

विश्व साइकिल दिवस

पबलिश्ड ऑन: 01/06/2022

धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर 3 जून 2022 को सुबह 07:30 बजे एक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम को पुलिस ग्राउंड धर्मशाला से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। 3 जून, 2022 को हमारे साथ विश्व साइकिल दिवस मनाने के लिए भाग लें। पंजीकरण के लिए कृपया नीचे […]

और

मसरूर मंदिर

पबलिश्ड ऑन: 22/10/2021

मसरूर मंदिर भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में ब्यास नदी की काँगड़ा घाटी में पत्थर काट कर बनाए गए हिन्दू मंदिरों का एक समूह है। यह 8वीं शताब्दी के आरम्भ में बनाए गए थे और धौलाधार पर्वतों की ओर मुख रख के खड़े हैं। यह उत्तर भारतीय नगर वास्तुशैली में बने हैं। यहाँ के कई […]

और

राष्ट्रीय युवा दिवस अभियान 12 जनवरी – 11 फरवरी 2021

पबलिश्ड ऑन: 23/01/2021

राष्ट्रीय युवा दिवस अभियान 12 जनवरी- 11 फरवरी 2021

और

त्रियुंड

पबलिश्ड ऑन: 24/04/2018

त्रियुंड धर्मशाला का मुकुट है, धौलाधार के पहाड़ों की गोद में स्थित है, इसके एक तरफ से धौलाधार के पहाड़ और दूसरी तरफ कांगड़ा घाटी नजर आती है। त्रियुंड एक बहुत लोकप्रिय ट्रैकिंग स्थान है त्रियुंड भारत और दुनिया भर से हर साल बहुत से पर्यटकों को आकर्षित करता है| त्रियुंड ट्रेक को एक शांत […]

और

करेरी झील

पबलिश्ड ऑन: 05/04/2018

करेरी झील धौलाधार में एक ट्रेकिंग गंतव्य होने के लिए सबसे प्रसिद्ध है। झील अक्सर  दिसंबर से मार्च-अप्रैल तक वर्फ से जमी  हुई रहती है|  झील की एक तरफ पहाड़ी पर भगवान शिव और शक्ति को समर्पित एक मंदिर है। केरेरी झील (जिसे कुमारवा झील के नाम से भी जाना जाता है) धौलाधर सीमा के […]

और

काँगड़ा किला

पबलिश्ड ऑन: 04/04/2018

कांगड़ा किला कांगड़ा राज्य (कटोच वंश) के शाही राजपूत परिवार द्वारा बनवाया गया था, जो अपनी उत्पत्ति प्राचीन त्रिगर्त राज्य से जोड़ता है, जिसका उल्लेख महाभारत महाकाव्य में मिलता है। यह हिमालय का सबसे बड़ा किला है और भारत के सबसे पुराने किलों में से एक है।  1615 ई. में मुग़ल सेनाएँ काँगड़ा किले पर […]

और

कांगड़ा घाटी के चाय बागान

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

भारत के हिमाचल प्रदेश में स्थित कांगड़ा घाटी अपने विशाल और मनोरम चाय बागानों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे अक्सर “उत्तरी भारत की चाय राजधानी” कहा जाता है। धौलाधार पर्वतों की तलहटी में बसी यह घाटी पालमपुर, धर्मशाला, बैजनाथ और जोगिंदरनगर जैसे क्षेत्रों में फैली हुई है, जहां हरे-भरे चाय के बागान लुभावने दृश्य, शांत […]

और

मक्लोडगंज

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

मक्लोडगंज धर्मशाला के निकट एक हिल स्टेशन है, जो ट्रेकर्स के बीच लोकप्रिय है। इसकी संस्कृति तिब्बती का एक बहुत अच्छा मिश्रण है जिसमें कुछ ब्रिटिश प्रभावों के साथ मक्लोडगंज की वर्तनी भी है| मक्लोडगंज कांगड़ा जिले के धर्मशाला का एक उपनगर है। तिब्बतियों की बड़ी आबादी के कारण इसे “लिटिल ल्हासा” या “ढसा” (मुख्य […]

और

पोंग डैम

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शिवालिक पहाड़ियों के आर्द्र भूमि पर ब्यास नदी पर बाँध बनाकर एक जलाशय का निर्माण किया गया है जिसे महाराणा प्रताप सागर नाम दिया गया है। इसे पौंग जलाशय या पौंग बांध के नाम से भी जाना जाता है। यह बाँध 1975 में बनाया गया था। महाराणा प्रताप के सम्मान में नामित यह जलाशय या झील एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है […]

और